BREAKING NEWS:
  • Thursday, 21 Mar, 2019
  • 10:12:31 PM
Indo-Uganda Pharma Meet To Eliminate Sham Healthcare Products

Indo-Uganda Pharma Meet To Eliminate Sham Healthcare Products

Pharmexcil periodically conducts the buyer-seller meet to create linkages and effective communication between the manufacturers and importers of different countries.This time, BSM was organised in Uganda where 45 pharma companies from India participated and met more than 50 top importers from Uganda, Rwanda and other neighbouring countries.

FREQUENT POLICY CHANGE MEANS NATIONAL LOSS

Honourable regulators, legal advisors and manufacturers please justify as why stability is mandatory to get product permission whether old drug or a new drug. Sharing facts and asking questions as why it so happening into the pharmaceutical industry over and again. Drug and Cosmetic Act is in place to regulate the pharmaceutical industry then why everyday new circular is coming to the industry people.

इंडिया फार्मा 2019 में खुला राज- फार्मास्युटिकल क्षेत्र को 3 लाख करोड़ का बाजार बनाने में जुटा रसायन मंत्रालय

केन्‍द्रीय रसायन और उर्वरक, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री, डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा कि भारत उच्च गुणवत्ता वाली जन औषधियों के विनिर्माण में शीर्ष स्‍थान पर बरकरार है। सरकार का ध्यान सभी के लिए सस्‍ती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाने पर केंद्रित है। सरकार दुनिया में सबसे बड़े सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम ‘आयुष्‍मान भारत’ में योगदान पर ध्‍यान दे रही है। श्री गोड़ा आज बेंगलुरू में ‘फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस’ के बारे में भारत के सबसे बड़े वैश्विक सम्मेलन के चौथे संस्करण के उद्घाटन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय रसायन और उर्वरक सड़क परिवहन और राजमार्ग, नौवहन राज्य मंत्री, श्री मनसुख एल मंडाविया भी उपस्थित थे। इस सम्मेलन में रूस, केन्या, ब्रिटेन, मलेशिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और उजबेकिस्तान सहित लगभग 30 से अधिक देशों के ड्रग नियामकों ने भाग लिया। इसके अलावा, इस आयोजन में पूरे देश के 15 राज्यों के ड्रग नियामकों की भागीदारी भी देखी गई। भारत सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और फार्मास्युटिकल और चिकित्‍सा उपकरण क्षेत्र के उद्योग जगत के दिग्गज भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

Business career in Indian E-Pharmacy

E-pharmacies are recent entrants in the Indian e-commerce industry landscape, with it receiving increased attention from government and investors in the last three to five years. Today, the E-pharmacy market potential is worth over a 3,500 Crore with more than 35 startups assisting the growth of this segment in various regions of India. Inspite of being a novel segment in the Indian E - commerce industry, it is anticipated to grow at a CAGR of over 20%, crossing the 25,000 Cr mark by 2022.

Online Pharmacy Status globally

The global ePharmacy market size was valued at USD 35 billion in 2018 and is projected to grow at a CAGR of 14.8% during the forecast period. By 2023, it is predicted that the market will grow to reach around 128 billion dollars. Currently there are 35000 active online pharmacy players are there in global market.

Medical News

दक्षता फाउंडेशन ने आयोजित किया शिविर

दक्षता फाउंडेशन ने आयोजित किया शिविर

एस.जी.एम. नगर स्थित ज्ञान डीप पब्लिक स्कूल में दक्षता फाउंडेशन द्वारा निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया शिविर के आयोजन में फाउंडेशन में कार्ययत फार्मासिस्टों का रचनात्मक सहयोग रहा इस अवसर पर मुख्य अतिथि बीजेपी विधायिका सीमा त्रिखा रहीं व विशिष्ट अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता देव सिंग गोसाई, दत्ता ,श्रीकांत रहें।शिविर में एसोसिएट सदस्य समाजिक कार्यकर्ता मोनिका शर्मा व राजेश वशिष्ठ प्रेसिडेंट एस. एस. एफ रहें।

Editor Diary

FREQUENT POLICY CHANGE MEANS NATIONAL LOSS

FREQUENT POLICY CHANGE MEANS NATIONAL LOSS

Honourable regulators, legal advisors and manufacturers please justify as why stability is mandatory to get product permission whether old drug or a new drug. Sharing facts and asking questions as why it so happening into the pharmaceutical industry over and again. Drug and Cosmetic Act is in place to regulate the pharmaceutical industry then why everyday new circular is coming to the industry people.