• Tuesday, 22 May, 2018
  • 1:17:55 PM

पिता से 10 हजार रुपए उधार लेकर शुरू की थी कंपनी, अब हैं 'फार्मा किंग'

1955 में मुंबई में जन्मे दिलीप संघवी को घाटे में चल रही कंपनियों को खरीदकर उनकी काया पलटने के लिए जाना जाता है. दिलीप संघवी हमेशा कंपनी को सस्ते में खरीदने में विश्वास रखते हैं. कंपनी ने पहला सौदा 1987 में किया. लंबी सौदेबाजी के बाद अमेरिका की कैरको फार्मा दिलीप संघवी की पहली बड़ी खरीद थी. ये सौदा 5 करोड़ डॉलर में हुआ. इसके बाद दिलीप संघवी ने अमेरिका में ही दो और कंपनियों वैलिएंट और एबल फार्मा को खरीदा. घाटे में चल रही इन फार्मा कंपनियों की आज सन फार्मा की आमदनी में बड़ी हिस्सेदारी है.

Pharma News

सर्वसम्मति से नरेश जिंदल प्रधान व राजीव जैन बने केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव

सर्वसम्मति से नरेश जिंदल प्रधान व राजीव जैन बने केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव

जिला संगरूर केमिस्ट एसोसिएशन का वर्ष 2018-21 चुनाव समागम आयोजित किया गया। इस अवसर पर एआईओसीडी के उपप्रधान व पंजाब कैमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव सुरेंद्र दुग्गल,पंजाब कैमिस्ट एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान जीएस चावला व चेयरमैन सुरेंद्र शर्मा विशेष मेहमान रहे।

Medical News

सूरत-ए-हाल चौ. बंसीलाल सामान्य अस्पताल नासाज है  साल बीतने को नहीं हो पा रही ठेका कर्मचारियों की संख्या की पुष्ठि आखिर कहां छुपा है राज, कौन है इसका जिम्मेवार

सूरत-ए-हाल चौ. बंसीलाल सामान्य अस्पताल नासाज है साल बीतने को नहीं हो पा रही ठेका कर्मचारियों की संख्या की पुष्ठि आखिर कहां छुपा है राज, कौन है इसका जिम्मेवार

आज-कल-आज करते करते पूरा साल बीत गया, लेकिन चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल में पिछले एक साल से ठेका कर्मचारियों की संख्या को लेकर जो चर्चाएं थी उनकी पुष्टि नहीं हो पाई। साल भर के लिए ठेका कर्मचारियों को रखने का अनुबंध ३० मई को समाप्त हो जाएगा। गत वर्ष एक जून से ठेकेदार द्वारा १७८ कर्मचारी ठेका आधार पर अस्पताल में तैनात किए गए थे।