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  • Monday, 18 Jun, 2018
  • 11:09:30 AM

पिता से 10 हजार रुपए उधार लेकर शुरू की थी कंपनी, अब हैं 'फार्मा किंग'

1955 में मुंबई में जन्मे दिलीप संघवी को घाटे में चल रही कंपनियों को खरीदकर उनकी काया पलटने के लिए जाना जाता है. दिलीप संघवी हमेशा कंपनी को सस्ते में खरीदने में विश्वास रखते हैं. कंपनी ने पहला सौदा 1987 में किया. लंबी सौदेबाजी के बाद अमेरिका की कैरको फार्मा दिलीप संघवी की पहली बड़ी खरीद थी. ये सौदा 5 करोड़ डॉलर में हुआ. इसके बाद दिलीप संघवी ने अमेरिका में ही दो और कंपनियों वैलिएंट और एबल फार्मा को खरीदा. घाटे में चल रही इन फार्मा कंपनियों की आज सन फार्मा की आमदनी में बड़ी हिस्सेदारी है.

Pharma News

पर्यावरण सुधारने के लिए प्लास्टिक थैलियों पर सख्ती

पर्यावरण सुधारने के लिए प्लास्टिक थैलियों पर सख्ती

पंजाब प्रदूषण विभाग ने पर्यावरण संभालने लग गया है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रम बोर्ड द्वारा दुकानदारो पर प्रयोग किए जा रहे प्लास्टिक लिफाफो को बंद करने के आदेश दिए है । प्लास्टिक की थैली पर्यावरण के लिए बहुत बडा खतरनाक साबित हो रहे है। पटियाला नगर निगम भी इस आदेश को लागू करवाने के लिए सख्त हो गया है। हाल ही मे होलसेल कैमिस्ट एसोसिएशन की बैठक पदाधिकारियो के साथ हुई। उन्होने स्पष्ट रूप से प्लास्टिक लिफाफो का प्रयोग ना करने की हिदायत दी।

Medical News

14000 करोड़ की सस्ती दवा और 2.38 लाख रोगियों को मुफ्त डायलिसिस का दावा

14000 करोड़ की सस्ती दवा और 2.38 लाख रोगियों को मुफ्त डायलिसिस का दावा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र को गति देने के लिए कि शीघ्र ही 14 राज्यों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। साथ ही 1.5 लाख प्राथमिक उपचार केंद्रों तथा उप-केंद्रों को स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्रों में बदला जाएगा। इसके तहत इस वर्ष 19000 ऐसे केंद्रों को स्वीकृति दी जा चुकी है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए नड्डा ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को पूरी छूट दी है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार स्वास्थ्य प्रणाली का संचालन करें। साथ ही केंद्र राज्यों को वित्तीय सहयोग देने के लिए तैयार है। नड्डा ने बताया कि पिछले 3 वर्षों में फ्री ड्रग और डायग्नोस्टिक सेवा पहल के तहत 14000 करोड़ रुपए की दवाइयों का वितरण हुआ है। प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम का 2.38 लाख रोगियों को फायदा मिला है। अमृत केंद्रों पर बाजार दर से 60-90 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां प्रदान की जा रही हैं। इनमें कैंसर और हृदय संबंधी जैसे रोगों की दवाइयां भी शामिल हैं। अबतक इन केंद्रों से रोगियों को कुल 346.59 करोड़ रुपए का फायदा पहुंचा है।