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एक साल में फार्मा सेक्टर में 919 करोड़ के उछाल का दावा कर गए मंडविया

नई दिल्ली।         केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडविया ने दावा किया कि फार्मा सेक्टर पर सेवा और वस्तु कर (जीएसटी) का प्रभाव मोटे तौर पर सकारात्मक और रचनात्मक रहा है।  रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने सभी नागरिकों के लिए सस्ती और गुणवत्ता युक्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जो कदम कदम उठाए हैं, उनके दूरगामी परिणाम होंगे। 
                       इससे परे, यह अलग बात है कि फार्मा सेक्टर के आर्थिक विश्लेषक उनके दावे को खास तवज्जो नहीं दे रहे। मंत्री मंडविया कि माने तो जीएसटी लागू होने के बाद फार्मा सेक्टर में सकारात्मक प्रगति देखी गई है। उनके मुताबिक, जीएसटी से पहले फार्मा सेक्टर का वार्षिक कारोबार (31.05.2017 के अनुसार) 1,14,231 करोड़ रुपये था जो जीएसटी लागू होने के बाद 1,31,312 करोड़ रुपये (31.05.2018 के अनुसार) तक पहुंच गया है। इस प्रकार यह पूर्व- जीएसटी शासन (2016-17) की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है।
                       2016-17 के दौरान फार्मा सेक्टर का निर्यात 2,75,852 करोड़ रुपये था जबकि वर्ष 2017-18 में जीएसटी लागू होने के बाद यह 3,03,526 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस प्रकार यह पूर्व- जीएसटी शासन की तुलना में 10 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष के लिए निर्यात आंकड़े 3,27,700 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। जो पूर्व- जीएसटी शासन (2016-17) की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने यह भी बताया कि औषधि अनुमोदनों की संख्या जो जीएसटी से पूर्व (01.07.2016 से 30.06.2017 तक) 7,857 थी वह जीएसटी लागू होने के बाद (01.07.2017 से 30.06.2018 तक) महत्वपूर्ण उछाल लेकर 10,446 हो गई। 
                        मंडविया ने यह भी बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद केंद्रीय करों को हटाए जाने के कारण लेनदेन लागत कम होगी क्योंकि दो डीलरों के मध्य अंतर्राज्यीय लेनदेन पर कोई कर नहीं लगेगा।



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