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वैज्ञानिको का आधुनिक आविष्कार अब फैट के टिश्यू से बन सकेंगे प्लेटलेट्स

वैज्ञानिक तकनीक में आधुनिक प्रयोग के सकारात्मक परिणाम आना लाज़मी है। वैज्ञानिको ने प्रयोगशाला में दिमागी कसरत कर मानव प्लेटलेट्स विकसित करने में सफलता हासिल की है। नए वैज्ञानिक शोध के अनुसार स्टेम सेल्स से निकाले गए फैट के टिश्यू से प्लेटलेट्स तैयार किये जा सकते है। इस आधुनिक खोज से कैंसर, इम्यून डिसआर्डर, प्लेटलेट्स डिसआर्डर और दूसरी बीमारियो से पीड़ित रोगियों की रक्तदाताओ पर निर्भरता कम होने की भी प्रबल संभावनाए है। प्लेटलेट्स रक्त का महत्वपूर्ण घटक मने जाते है। यह चोटिल अवस्था में खून को ज़माने में मदद करता है।
                  प्लेटलेट्स की मात्रा कम होने पर रक्त बहने का खतरा अधिक हो जाता है। शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा सामान्य करने के लिए रक्त की आवश्यकता होती है कैंसर पीड़ित रोगी की जान बचाने के लिए रक्त की आवशकता अधिक पड़ती है वर्ल्ड में हर वर्ष 45 लाख प्लेटलेट्स यूनिट्स चढ़ाया जाता है इस आवशकता को पूर्ण करने के लिए रक्तदाताओ पर ही निर्भर रहना पड़ता है। 
                  जापान की कीयो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता यमिको मत्सुबरा के नेतृत्व किये गए अध्ययन में यह साबित हुआ है की एक स्टेम सेल लाइन बनाने में फैट टिश्यू का उपयोग किया जा सकता है। इससे महज 12 दिनो को प्रक्रिया में प्लेटलेट्स को तैयार किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने यह भी सत्यापित किया है की प्रयोगशाला में तैयार किये गए प्लेटलेट्स प्राकृतिक प्लेटलेट्स की तरह सतह पर प्रोटीन और ग्रेन्यूल  पाए गए है। ग्रेन्यूल खून को ज़माने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। 
 
 
 



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