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दवा कंपनियों की स्पेन बैठक का हैरान करने वाला सच

नई दिल्ली: कुछ माह पहले स्पेन में शुगर की दवा बेचने वाली प्रमुख कपनियों की एक बैठक हुई थी जिसमें दवाओं की बिक्री बढ़ाने के लिए सुझाव दिया गया कि अगर शरीर में सामान्य शुगर का मानक 120 से कम कर 100 कर दिया जाए तो शुगर की दवाओं की बिक्री 40 प्रतिशत बढ़ेगी।  बता दें कि पहले शरीर में सामान्य शुगर का मानक 160 था जो कि दवाओं की बिक्री के लिए इसे कम करते करते 120 तक लाया गया, जिसे आने वाले समय में 100 तक करने की संभावना है।
                एलोपैथी दवा कंपनियां (सभी नहीं) लूटने के लिए किस हद तक गिर सकते हैं ये इसका जीता जागता उदाहरण है कि आज मेडिकल साइंस के अनुसार शरीर में सामान्य शुगर का मानक 80 से 120 है। दवा निर्पमता कंपनियों के साथ मिलकर इन्होंने कुछ फर्जी शोध की आड़ में नया मानक 70 से 100 तय कर दिया। यदि एक स्वस्थ  व्यक्ति  टेस्ट करवाए और शुगर का स्तर 100 से 110 के बीच आ जाए तो डॉक्‍टर उसे शुगर का रोगी घोषित कर देगा और वो इस भय के कारण शुगर बीमारी की एलोपैथी दवाएं लेना शुरू कर देंगे जो कि पहले से ही शुगर सामा‍न्य थी। अब इस भय के साथ शुगर की दवा लेने लगेंगे जिससे इसके उल्‍टा परिणाम होगा कि आपको कमजोरी महसूस होने लगेगी। यदि दो से तीन करोड़ लोग भी इस साजिश का शिकार होते हैं तो ये दवा बनाने वाली कंपनियां लाखों करोड़ कमा लेंगे।
                 1997 से पहले फास्टिंग डायबिटीज की लिमिट 140 थी। फिर फास्टिंग शुगर की लिमिट 126 कर दी गई, जिससे विश्व जनसंख्‍या में 14 प्रतिशत डायबिटीक लोग अचानक बढ़ गए। उसके बाद 2003 में डब्‍ल्‍यूएचओ ने इसकी लिमिट कम करके 100 कर दी। अर्थात फिर से 70 प्रतिशत लोग डायबिटीज से ग्रस्त माने जाने लगे। दरअसल डायबिटीज लिमिट तय करने वाली कुछ दवा कंपनियां थी जो डब्‍ल्‍यूएचओ के साथ मिलीभगत करके अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए कर रही थी। क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज की जांच कैसे होती है या आप डायबिटीज के शिकार हैं भी या नहीं?
डायबिटीज चेक करने का एक सरल उपाय है – आप की उम्र और + 100। जैसे यदि आपकी उम्र 65 है तो आपका शुगर लेवल खाने के बाद 165 होना चाहिए। यदि आपकी उम्र 75 है तो आपका नॉर्मल शुगर लेवल खाने के बाद 175 होना चाहिए।  यदि ऐसा होता है तो आपको डायबिटीज नहीं है, लेकिन  
ड्ब्ल्यूएचओ को अपने कॉन्फिडेंस में लेकर बहुत सारी फार्मा कंपनियों ने अपने व्‍यापार के लिए शुगर लेवल में उथल पुथल कर दी और आम जनता उस चक्रव्‍यूह में फंस गई।.....
मुकेश श्रीराम की वाल से



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