BREAKING NEWS:
  • Friday, 18 Sep, 2020
  • 7:52:54 PM

ड्रग अधिकारी की फार्मा उद्योग पर छापेमारी पर उठे सवाल

शिमला : फार्मा हब कहे जाने वाले बद्दी में ड्रग विभाग के अधिकारी और पत्रकार की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। इस कार्रवाई के बाद बीबीएन में फार्मा उद्योग संचालक गुस्से में है। क्योंकि एक तरफ कार निवेशकों को प्रदेश में आमंत्रित कर रही है, दूसरी और ड्रग विभाग कार्रवाई का डर दिखाकर बुरी नीयत रख रहा है। बद्दी के लोदीमाजरा स्थित फार्मा उद्योग के मालिक ने अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग, एसपी बद्दी व स्टेट ड्रग कंट्रोलर को इस बाबत  शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग उठाई है। एसपी बद्दी ने मामला दर्ज करके जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उधर, ड्रग विभाग ने शिकायत को निदेशक हेल्थ, सेफ्टी एंड रेगूलेशन तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया है। 
शिकायत में फार्मा उद्योगपति ने बताया कि 27 जून को अस्सिटेंट ड्रग कंट्रोलर निशांत सरीन और एक बेब पोर्टल के पत्रकार सुरेंद्र राणा कंपनी में आए। दोनों जिस गाड़ी में आए उस पर भारत सरकार का चिह्न भी लगा था, जो पहली नजर में संदिग्ध लग रहा था। फिलहाल मामला की जांच की जा रही है।  



Responses

Related News

तो अब ड्रोन से दवाइयां और ब्लड सप्लाई करेगी सरकार

तो अब ड्रोन से दवाइयां और ब्लड सप्लाई करेगी सरकार

तेलंगाना सरकार ने हेल्थनेट ग्लोबल लिमिटेड के साथ साझा रूप से ड्रोन से दवाइयां, खून और अन्य मेडिकल सुविधाएं पहुंचाने संबंधी पायलट प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया है। बता दें कि वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम सेंटर ने चौथे इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन नेटवर्क के लिए घोषणा की कि तेलंगाना में मेडिसिन फ्रॉम द स्काई नामक अभिनव ड्रोन-डिलीवरी प्रोजेक्ट सिस्टम शुरू करेगा। प्रोजेक्ट में खून, टीके, मेडिकल सेम्पल्स और अंगों के लिए ड्रोन आधारित डिलीवरी का व्यापक अध्ययन होगा।

दवाओं पर होगी फार्मेसी काउंसिल की निगरानी, 300 केंद्र बनेंगे

दवाओं पर होगी फार्मेसी काउंसिल की निगरानी, 300 केंद्र बनेंगे

दवाओं के साइड इफेक्ट की जानकारी रखने की सरकारी प्रक्रिया में फार्मेसी काउंसिल (पीसीआई) भी भागीदार होगी। पीसीआई ने फिलहाल 300 केंद्र बनाने का फैसला किया है। ये केंद्र जिला और अन्य सरकारी अस्पतालों में बनाए जा रहे हैं। पीसीआई ने एक ऐप भी बनाया है जिसकी मदद से रोगी और डॉक्टर किसी भी दवा के साइड इफेक्ट्स की जानकारी सरकार को दे सकते हैं।

सैन्य अस्पताल की सप्लाई में हरियाणा की दवा कंपनी का खोट

सैन्य अस्पताल की सप्लाई में हरियाणा की दवा कंपनी का खोट

सामान्य अस्पतालों की सप्लाई में दवा कंपनियों की कारगुजारियां अकसर सामने आती है लेकिन अब सैन्य अस्पताल में भी दवा कंपनी का खोट सामने आया है। दवा निर्माता कंपनी ने जालंधर के सैन्य अस्पताल को जो दवा सप्लाई की थी, उसके बिल पर अंकित और दवा के बैच नंबर में अंतर है। यानि किसी और बैच नंबर की दवा सप्लाई की गई और दवा निर्माता कंपनी ने बिल दूसरे बैच नंबर का बना कर फरीदाबाद की दवा वितरक कंपनी को भेज दिया।

दवा उद्योग पर आफत : 20 कंपनियों में प्रोडक्शन पर रोक, कईयों को नोटिस

दवा उद्योग पर आफत : 20 कंपनियों में प्रोडक्शन पर रोक, कईयों को नोटिस

बार-बार सैंपल फेल होने पर दवा नियंत्रक प्राधिकरण ने हिमाचल के 20 दवा उद्योगों में प्रोडक्शन बैन कर दिया है जबकि आधा दर्जन उद्योग संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। इसका कारण छह महीने के दौरा 67 दवाओं के सैंपल फेल होना बताया गयाहै। इतना ही प्राधिकरण ने ऐसे 100 उद्योगों की सूची बनाई और जांच-पड़ताल के बाद यह बड़ी कार्रवाई की है जिससे हडक़ंप मच गया है। ये उद्योग सोलन के बीबीएन, सिरमौर और कांगड़ा जिलों में संचालित है।