BREAKING NEWS:
  • Saturday, 25 May, 2019
  • 12:43:33 AM

Indo-Uganda Pharma Meet To Eliminate Sham Healthcare Products

Pharmexcil periodically conducts the buyer-seller meet to create linkages and effective communication between the manufacturers and importers of different countries.This time, BSM was organised in Uganda where 45 pharma companies from India participated and met more than 50 top importers from Uganda, Rwanda and other neighbouring countries. 

The government of Uganda is taking various measures to control the menace of counterfeit drugs and other medical products. The UPMA and PSU in collaboration with Pharmexcil organised this Pharma-Business meet. The meet enhanced the Business relations between both the countries. The companies discusses strategies to combat selling of fake products. 

GOI has introduced barcoding for all the pharma export consignment to ensure supply of legitimate drugs to international market. Indian pharma industry is committed to provide medical facilities and affordable health care to each and every citizen of every country.

India exports to almost every country and its exports stood at US$ 17.27 bn during 2017-18 and about 19.5% of its exports are to Africa Region. Indian pharma industry has huge scope in African countries due to their supreme qualities and affordable rates. India is expanding pharma market by each passing day and currently india is called Pharmacy to the world said by Dr. Dinesh Dua, Chairman Pharmexcil.

Africa is Future for Indian Pharma Industry and organising Such programs breaks the communication barriers between manufacturers and the importers said by Saurabh Singhal Director Africa Health Advisors Ltd, Rwanda



Responses

Related News

UNITED BIOTECH IS NO MORE UNITED

UNITED BIOTECH IS NO MORE UNITED

All three directors of united biotech become violent, elder brother Rajeev Kumar stopped production in association with youngest brother whereas Sanjeev kumar stopped financial transaction. Reason is not clear why they are scary with each other. They started fighting since December 2018 and in the mean time pharma majors tried to resolve the issue but all 3 kumars are adamant and not ready to be united.

लाइसेंसिंग अथॉरिटी नेहा शौरी की हत्या से लोकसभा चुनाव में पंजाब का फिर सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा नशा

लाइसेंसिंग अथॉरिटी नेहा शौरी की हत्या से लोकसभा चुनाव में पंजाब का फिर सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा नशा

पिछले आम चुनावों की तरह पंजाब में इस बार फिर नशा सबसे बड़े मुद्दे के रूप में उभरेगा और जोनल ड्रग लाइसेंसिंग ऑथोरिटी नेहा शौरी की हत्या के बाद यह मुद्दा अब ठीक उसी तरह सुर्खियों में आ गया, जैसे फ़िल्म उड़ता पंजाब ने पंजाब में नशे की कलई खोली थी। आगामी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पंजाब को नशे की बेड़ियों से मुक्ति दिलाने के दावे बिना यहां पांव नहीं पसार पाएंगे।

इंडिया फार्मा 2019 में खुला राज- फार्मास्युटिकल क्षेत्र को 3 लाख करोड़ का बाजार बनाने में जुटा रसायन मंत्रालय

इंडिया फार्मा 2019 में खुला राज- फार्मास्युटिकल क्षेत्र को 3 लाख करोड़ का बाजार बनाने में जुटा रसायन मंत्रालय

केन्‍द्रीय रसायन और उर्वरक, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री, डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा कि भारत उच्च गुणवत्ता वाली जन औषधियों के विनिर्माण में शीर्ष स्‍थान पर बरकरार है। सरकार का ध्यान सभी के लिए सस्‍ती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाने पर केंद्रित है। सरकार दुनिया में सबसे बड़े सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम ‘आयुष्‍मान भारत’ में योगदान पर ध्‍यान दे रही है। श्री गोड़ा आज बेंगलुरू में ‘फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस’ के बारे में भारत के सबसे बड़े वैश्विक सम्मेलन के चौथे संस्करण के उद्घाटन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय रसायन और उर्वरक सड़क परिवहन और राजमार्ग, नौवहन राज्य मंत्री, श्री मनसुख एल मंडाविया भी उपस्थित थे। इस सम्मेलन में रूस, केन्या, ब्रिटेन, मलेशिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और उजबेकिस्तान सहित लगभग 30 से अधिक देशों के ड्रग नियामकों ने भाग लिया। इसके अलावा, इस आयोजन में पूरे देश के 15 राज्यों के ड्रग नियामकों की भागीदारी भी देखी गई। भारत सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और फार्मास्युटिकल और चिकित्‍सा उपकरण क्षेत्र के उद्योग जगत के दिग्गज भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

फार्मासिस्ट-केमिस्ट लाइसेंस खेल : ड्रग कंट्रोलर आहूजा ने संभाला मोर्चा

फार्मासिस्ट-केमिस्ट लाइसेंस खेल : ड्रग कंट्रोलर आहूजा ने संभाला मोर्चा

हरियाणा में केमिस्ट-फार्मासिस्ट के बीच किराये के लाइसेंस का खेल राष्ट्रीय स्तर पर नजर में आ गया है। फार्मासिस्टों के राष्ट्रीय संगठन ड्रग अधकारियों पर गम्भीर आरोप जड़ रहे हैं। निचले अधिकारियों की लापरवाही है या नहीं, ये तो जांच की बात है, लेकिन विभाग की किरकिरी न हो, इसके लिए हरियाणा के ड्रग कंट्रोलर नरेंद्र आहूजा "विवेक" स्वयं निगरानी कर रहे हैं। बातचीत में वह इस बात से इनकार नहीं करते कि यह खेल नहीं चल रहा, मगर इसकी जड़ें कहाँ हैं, कौन सूत्रधार है, इसका पता कर शीघ्र खुलासा करने का दावा किया है।