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Indo-Uganda Pharma Meet To Eliminate Sham Healthcare Products

Indo-Uganda Pharma Meet To Eliminate Sham Healthcare Products

Pharmexcil periodically conducts the buyer-seller meet to create linkages and effective communication between the manufacturers and importers of different countries.This time, BSM was organised in Uganda where 45 pharma companies from India participated and met more than 50 top importers from Uganda, Rwanda and other neighbouring countries.

इंडिया फार्मा 2019 में खुला राज- फार्मास्युटिकल क्षेत्र को 3 लाख करोड़ का बाजार बनाने में जुटा रसायन मंत्रालय

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केन्‍द्रीय रसायन और उर्वरक, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री, डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा कि भारत उच्च गुणवत्ता वाली जन औषधियों के विनिर्माण में शीर्ष स्‍थान पर बरकरार है। सरकार का ध्यान सभी के लिए सस्‍ती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाने पर केंद्रित है। सरकार दुनिया में सबसे बड़े सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम ‘आयुष्‍मान भारत’ में योगदान पर ध्‍यान दे रही है। श्री गोड़ा आज बेंगलुरू में ‘फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस’ के बारे में भारत के सबसे बड़े वैश्विक सम्मेलन के चौथे संस्करण के उद्घाटन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय रसायन और उर्वरक सड़क परिवहन और राजमार्ग, नौवहन राज्य मंत्री, श्री मनसुख एल मंडाविया भी उपस्थित थे। इस सम्मेलन में रूस, केन्या, ब्रिटेन, मलेशिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और उजबेकिस्तान सहित लगभग 30 से अधिक देशों के ड्रग नियामकों ने भाग लिया। इसके अलावा, इस आयोजन में पूरे देश के 15 राज्यों के ड्रग नियामकों की भागीदारी भी देखी गई। भारत सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और फार्मास्युटिकल और चिकित्‍सा उपकरण क्षेत्र के उद्योग जगत के दिग्गज भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

फार्मासिस्ट-केमिस्ट लाइसेंस खेल : ड्रग कंट्रोलर आहूजा ने संभाला मोर्चा

फार्मासिस्ट-केमिस्ट लाइसेंस खेल : ड्रग कंट्रोलर आहूजा ने संभाला मोर्चा

हरियाणा में केमिस्ट-फार्मासिस्ट के बीच किराये के लाइसेंस का खेल राष्ट्रीय स्तर पर नजर में आ गया है। फार्मासिस्टों के राष्ट्रीय संगठन ड्रग अधकारियों पर गम्भीर आरोप जड़ रहे हैं। निचले अधिकारियों की लापरवाही है या नहीं, ये तो जांच की बात है, लेकिन विभाग की किरकिरी न हो, इसके लिए हरियाणा के ड्रग कंट्रोलर नरेंद्र आहूजा "विवेक" स्वयं निगरानी कर रहे हैं। बातचीत में वह इस बात से इनकार नहीं करते कि यह खेल नहीं चल रहा, मगर इसकी जड़ें कहाँ हैं, कौन सूत्रधार है, इसका पता कर शीघ्र खुलासा करने का दावा किया है।

पंजीकरण एक कारोबार दो आम लोगो कि सेहत से खिलवाड़ क्यों.???  मौन क्यों है औषधि नियंत्रण विभाग

पंजीकरण एक कारोबार दो आम लोगो कि सेहत से खिलवाड़ क्यों.??? मौन क्यों है औषधि नियंत्रण विभाग

सरकार भले ही पारदर्शिता का राग अलापती हो, लेकिन पर्दे के पीछे जो हो रहा है वह तस्वीर भयावह है। ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट-1940 रूल 1945 और फार्मेसी एक्ट 1948 सेक्शन 42 के अनुसार फार्मासिस्ट ही दवा का वितरण कर सकता है, उसकी अनुपस्थिति में यह कार्य किसी भी तरह संभव नहीं है। लेकिन स्थिति यह बनी हुई है कि फार्मासिस्ट के एक पंजीकरण पर एक से अधिक लाइसेंस चल रहे हैं। ऐसे में एक फार्मासिस्ट दो जगह अपनी सेवाएं कैसे दे रहा है, सोचने का गंभीर विषय है। नियमों को ताक पर रखने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, यह भी गंभीर सवाल है। ऐसे एक नहीं सैकडों उदाहरण हैं जहां एक फार्मासिस्ट दवा कम्पनी में काम कर रहा है