BREAKING NEWS:
  • Sunday, 16 Dec, 2018
  • 12:53:25 AM

दवा कीमतों में कुछ राहत की उम्मीद सरकार ले सकती है दवाओं को लेकर बड़ा फैसला!

राकेश भटेजा/ हंस राज मेहता- दवाओं की कीमत में आम आदमी को राहत की उम्मीद बंधी है क्योंकि अब महंगाई के बढ़ने और घटने के साथ दवा की कीमतें तय हो सकती है ।इससे दवाओं की कीमत से राहत जरूर मिल सकती हैं । इसके लिए नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि दवाओं की कीमत को थोक मूल्य सूचकांक यानी डब्ल्यूपीआई से जोड़ा जाए ।फिलहाल दवा कंपनियां सालाना दाम बढ़ाती हैं । दवाओं की कीमत को थोक मूल्य सूचकांक से जोड़ने के लिए ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर 2013 को बदला जाएगा । इससे फार्मा इंडस्ट्री को झटका लग सकता है ।अभी सिर्फ जरूरी दवाएं डब्ल्यूपीआई से जुड़ी हैं । प्रस्ताव मंजूर होने पर सभी मेडिसिन डब्ल्यूपीआई जुड़ेंगी. इससे कंपनियों को दवाओं की कीमत घटानी भी पड़ सकती हैं ।फिलहाल 850 दवाओं की कीमत पर सरकारी नियंत्रण है । दवा कंपनियों को सालाना 10 फीसदी दाम बढ़ाने की इजाजत है ।

 



Responses

Related News

दवा कंपनियों की स्पेन बैठक का हैरान करने वाला सच

दवा कंपनियों की स्पेन बैठक का हैरान करने वाला सच

कुछ माह पहले स्पेन में शुगर की दवा बेचने वाली प्रमुख कपनियों की एक बैठक हुई थी जिसमें दवाओं की बिक्री बढ़ाने के लिए सुझाव दिया गया कि अगर शरीर में सामान्य शुगर का मानक 120 से कम कर 100 कर दिया जाए तो शुगर की दवाओं की बिक्री 40 प्रतिशत बढ़ेगी। बता दें कि पहले शरीर में सामान्य शुगर का मानक 160 था जो कि दवाओं की बिक्री के लिए इसे कम करते करते 120 तक लाया गया, जिसे आने वाले समय में 100 तक करने की संभावना है.

सुगम पोर्टल में सुधार के लिए मांगे सुझाव

सुगम पोर्टल में सुधार के लिए मांगे सुझाव

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने वेब पोर्टल को उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाने के लिए निर्माताओं, आयातकों, अनुसंधान और विकास संस्थानों से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी है। ताकि वेब पोर्टल में और अधिक सुधार कर उपयोगकर्ताओं को इसका लाभ मिल सके। पोर्टल का प्रयोग करने वालो को यदि कोई तकनिकी समस्या सामने आयी है तो इसके बारे में वो अपने विचार साँझा कर सकते है

कुछ ही दिन में बदलेंगे ई-फार्मा के नियम: डीसीजीआई का निर्णय

कुछ ही दिन में बदलेंगे ई-फार्मा के नियम: डीसीजीआई का निर्णय

ऑनलाइन दवा बेचने वाली कंपनियों पर केंद्र सरकार द्वारा शिकंजा कसे जाने की तैयारी है। संभवतः इस साल के अंत तक इसके लिए केंद्र सरकार नियम तय कर सकती है। भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल एस एस्वावा रेड्डी ने बताया कि इसका उद्देश्य देश भर में ऑनलाइन बिक्री को विनियमित करना है। इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि रोगियों को विश्वसनीय पोर्टल से सही दवाई उपलब्ध हो सके। वे ग्लोबल वेंचर कैपिटल शिखर सम्मेलन में बोल रहे थे।

एक साल में फार्मा सेक्टर में 919 करोड़ के उछाल का दावा कर गए मंडविया

एक साल में फार्मा सेक्टर में 919 करोड़ के उछाल का दावा कर गए मंडविया

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडविया ने दावा किया कि फार्मा सेक्टर पर सेवा और वस्तु कर (जीएसटी) का प्रभाव मोटे तौर पर सकारात्मक और रचनात्मक रहा है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने सभी नागरिकों के लिए सस्ती और गुणवत्ता युक्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जो कदम कदम उठाए हैं, उनके दूरगामी परिणाम होंगे।