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14000 करोड़ की सस्ती दवा और 2.38 लाख रोगियों को मुफ्त डायलिसिस का दावा

हंसराज मेहता,नई दिल्ली:  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र को गति देने के लिए कि शीघ्र ही 14 राज्यों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। साथ ही 1.5 लाख प्राथमिक उपचार केंद्रों तथा उप-केंद्रों को स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्रों में बदला जाएगा। इसके तहत इस वर्ष 19000 ऐसे केंद्रों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए नड्डा ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को पूरी छूट दी है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार स्वास्थ्य प्रणाली का संचालन करें। साथ ही केंद्र राज्यों को वित्तीय सहयोग देने के लिए तैयार है। नड्डा ने बताया कि पिछले 3 वर्षों में फ्री ड्रग और डायग्नोस्टिक सेवा पहल के तहत 14000 करोड़ रुपए की दवाइयों का वितरण हुआ है। प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम का 2.38 लाख रोगियों को फायदा मिला है। अमृत केंद्रों पर बाजार दर से 60-90 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां प्रदान की जा रही हैं। इनमें कैंसर और हृदय संबंधी जैसे रोगों की दवाइयां भी शामिल हैं। अबतक इन केंद्रों से रोगियों को कुल 346.59 करोड़ रुपए का फायदा पहुंचा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने 8 नए एम्स स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की है। नए एम्स आंध्र प्रदेश में मंगलागिरी, महाराष्ट्र के नागपुर, पश्चिम बंगाल के कल्याणी, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, पंजाब के भठिंडा, असम के गुवाहटी और हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में खोले जाएंगे।
इस अवसर पर मनोज झलानी, एएस एंड एमडी (एनएचएम), आर. के वत्स, अपर सचिव, श्रीमती वंदना गुरनानी, संयुक्त सचिव तथा स्वास्थ्य सचिव और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



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