BREAKING NEWS:
  • Saturday, 25 May, 2019
  • 12:43:47 AM

उपलब्धि: प्रसव के दौरान बची 12000 माताओं की जिंदगी

-2012 की तुलना में 2015 में प्रसव के दौरान माताओं की मृत्‍यु में लगभग 12000 की उल्‍लेखनीय कमी आई 
 
-भारत ने प्रति लाख शिशुओं के जन्‍म पर 139 की मातृ मृत्‍यु दर (एमएमआर) का सहस्राब्‍दी विकास लक्ष्‍य (एमडीजी) हासिल कर लिया है : नड्डा 
 
-हम आयुष्‍मान भारत| पीएमआरएसएसएम को लागू करने के लिए 14 राज्‍यों के साथ एमओयू पर हस्‍ताक्षर करेंगे|
 
पूजा, नई दिल्ली: ‘2012 की तुलना में 2015 (मध्‍य वर्ष) में हमने लगभग 12000 माताओं का जीवन बचाया है। पहले प्रसव के दौरान हर वर्ष 44000 माताओं की मृत्‍यु हो जाती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर केवल 32000 के स्‍तर पर आ गया है।’ यह बात केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने यहां सरकार की 48 महीनों की उपलब्धियों को रेखांकित करने के लिए आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में कही। श्री नड्डा ने कहा कि देश में 2013 से मातृ मृत्‍यु दर (एमएमआर) में रिकॉर्ड 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो पहले की तुलना में अब तक की एमएमआर में कमी का सबसे अधिक प्रतिशत है। श्री नड्डा ने कहा, ‘भारत ने 2015 तक 130 शिशुओं को जीवित पैदा कराने में सफलता हासिल कर 139 प्रति लाख जीवित शिशुओं के जन्‍म के एमएमआर के सहस्राब्‍दी विकास लक्ष्‍य (एमडीजी) को हासिल किया है। इस दर से हम 2030 की लक्षित समय सीमा से पहले 2022 तक 70 का सतत विकास लक्ष्‍य (एसडीजी) को हासिल कर लेंगे।’
  

  संवाददाता सम्‍मेलन में स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण राज्‍य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और अनुप्रिया पटेल, सचिव (स्‍वास्‍थ्‍य) श्रीमती प्रीती सूदन और आयुष्‍मान भारत मिशन के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री इन्‍दु भूषण भी उपस्थित थे।
   
श्री नड्डा ने कहा कि 10 राज्‍यों ने पहले ही एमएमआर के सहस्राब्‍दी विकास लक्ष्‍यों (एमडीजी) को हासिल कर लिया है। उत्‍तर प्रदेश में 2013 से एमएमआर में 30 प्रतिशत की कमी से सरकार के प्रयासों के परिणाम भी नजर आ रहे हैं। श्री नड्डा ने कहा कि एमएमआर कम करने के एमडीएच लक्ष्‍य को हासिल करने में आरएमएनसीएच +ए के अंतर्गत जीवन चक्र का दृष्टिकोण और देखभाल जारी रखने के खाके का काफी योगदान रहा है।
 
  सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि व्‍यापक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल को देश की वास्‍तविकता बनाने वाले ‘आयुष्‍मान भारत’ है। देश के समेकित स्‍वास्‍थ्‍य कवरेज का यह दृष्टिकोण व्‍यापक प्राथमिक देखभाल सुनिश्चित कराने पर आधारित है, जो द्वितीयक और तृतीयक देखभाल से जुड़ा है। इससे देश के स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल के परिदृश्‍य में बदलाव आएगा। हम ‘आयुष्‍मान भारत’ लागू करने की तय समय सीमा के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं।   



Responses

Related News

अपने टॉप रिसर्चरो को विदेशों से बुलाए भारत तभी पेटेंट में कर सकेंगे चीन का मुकाबला

अपने टॉप रिसर्चरो को विदेशों से बुलाए भारत तभी पेटेंट में कर सकेंगे चीन का मुकाबला

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी द्वारा सोमवार को लैक्चर थियेटर वन में पेटेंट विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन करवाया गया। सेमिनार का शुभारंभ डीन डॉ. सरिता मग्गू, डॉ.एम.सी. गुप्ता व फार्मेसी कालेज के प्राचार्य डॉ. गजेंद्र सिंह ने दीप प्रज्जवलित करके किया। मंच का संचालन डॉ. एम.सी. गुप्ता ने किया। इस अवसर पर चिकित्सकों को संबोधित करते हुए डॉ. सरिता मग्गू ने कहा कि डॉ. गजेंद्र सिंह कोर्डिनेटर आईक्यूएसी द्वारा आज जो यह सेमिनार आयोजित करवाया गया है, उसका विषय बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हम जो कुछ नया करते हैं, हमें उसके बारे में पता होना चाहिए कि उसको पेटेंट कैसे करवाया जा सकता है।

डॉ. मल्होत्रा के प्रयासों को बिगबी बच्चन ने भी सराहा, रहेंगे साथ

डॉ. मल्होत्रा के प्रयासों को बिगबी बच्चन ने भी सराहा, रहेंगे साथ

हरियाणा सरकार द्वारा काले पीलिये के खिलाफ चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना जीवन रेखा को आइडिल मानते हुए राष्ट्रीय वायरल हैपेटाइटिस प्रोग्राम शुरू किया गया है। अब इस मुहिम से सुप्रसिद्व अभिनेता अमिताभ बच्चन भी जुड गए हैं, उन्हें डब्लूएचओ की तरफ से गुडविल ब्रांड अम्बेसडर बनाया गया है। इसके लिए 24 फरवरी को विधिवत मुम्बई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा की तरफ से पीजीआईएमएस के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।

वैज्ञानिको का आधुनिक आविष्कार अब फैट के टिश्यू से बन सकेंगे प्लेटलेट्स

वैज्ञानिको का आधुनिक आविष्कार अब फैट के टिश्यू से बन सकेंगे प्लेटलेट्स

जापान की कीयो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता यमिको मत्सुबरा के नेतृत्व किये गए अध्ययन में यह साबित हुआ है की एक स्टेम सेल लाइन बनाने में फैट टिश्यू का उपयोग किया जा सकता है। इससे महज 12 दिनो को प्रक्रिया में प्लेटलेट्स को तैयार किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने यह भी सत्यापित किया है की प्रयोगशाला में तैयार किये गए प्लेटलेट्स प्राकृतिक प्लेटलेट्स की तरह सतह पर प्रोटीन और ग्रेन्यूल पाए गए है। ग्रेन्यूल खून को ज़माने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

दक्षता फाउंडेशन ने आयोजित किया शिविर

दक्षता फाउंडेशन ने आयोजित किया शिविर

एस.जी.एम. नगर स्थित ज्ञान डीप पब्लिक स्कूल में दक्षता फाउंडेशन द्वारा निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया शिविर के आयोजन में फाउंडेशन में कार्ययत फार्मासिस्टों का रचनात्मक सहयोग रहा इस अवसर पर मुख्य अतिथि बीजेपी विधायिका सीमा त्रिखा रहीं व विशिष्ट अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता देव सिंग गोसाई, दत्ता ,श्रीकांत रहें।शिविर में एसोसिएट सदस्य समाजिक कार्यकर्ता मोनिका शर्मा व राजेश वशिष्ठ प्रेसिडेंट एस. एस. एफ रहें।